लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 को मंजूरी देते हुए सभी गांवों तक बस सेवा पहुंचाने का बड़ा निर्णय लिया है। योजना के तहत अब प्रदेश के 59,163 ग्राम पंचायतों को परिवहन सेवा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया।
योजना के अंतर्गत 15 से 28 सीट क्षमता वाले डीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन संचालित किए जाएंगे। इन्हें परमिट की अनिवार्यता से छूट दी जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवा सुगम और त्वरित हो। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारियों की समीक्षा की और उन्हें योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि इन बसों का संचालन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक होगा, और दूरी के हिसाब से शाम 8 बजे तक ग्रामीण इलाकों में बसें पहुंच जाएंगी। बसों के ड्राइवर, कंडक्टर और क्लीनर स्थानीय लोगों से होंगे, जिससे ग्रामीणों को सुविधा और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सके। इन बसों की औसत आयु 15 वर्ष होगी, लेकिन प्रारंभ में इन्हें 10 साल के लिए परिचालन की इजाजत दी जाएगी। योजना का उद्देश्य ग्रामीण जनता को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय से सीधे और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव, परिवहन आयुक्त और एमडी परिवहन निगम भी बैठक में मौजूद थे, जिन्होंने योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश दिए।